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आपको याद होगा कि पैरेंट्स से लेकर हमारे टीचर तक अच्छी हैंडराइटिंग के लिए हम पर कितना जोर देते थे। लेकिन जैसे-जैसे हम ऊंची कक्षाओं में चलते गए इसका महत्व कम होता गया और आज के ऑनलाइन जमाने में तो राइटिंग का कुछ विशेष महत्व ही नहीं बचा है। पर आपको ये पता होना चाहिए कि राइटिंग का महत्व ना सिर्फ हमारे पढ़ाई लिखाई और करियर तक ही सीमित होती है, बल्कि ये हमारे व्यक्तित्व का भी अहम हिस्सा होती है। असल में इससे हमारे व्यक्तित्व और मनोदिशा के बारे में काफी कुछ पता चलता है। आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं कि कैसे किसी की हैंडराइटिंग से उसके मनोदशा के बारे में पता चलता है।
अक्षरो का सीधा या झुका हुआ होना
आपने देखा होगा कि कुछ लोग की हैंडराइटिंग में अक्षरो का झुकाव दाहिनी तरफ होता है, तो आपका बता दें कि ऐसे लोग स्वभाव से काफी भावुक होते हैं, वहीं जिनका झुकाव बाएं तरफ होता है, उनके लिए इमोशन का कोई खास महत्व नहीं होता। जबकि जो लोग सीधे लिखते हैं वो इमोशन के मामले में काफी बैलेंस्ड अप्रोच रखते हैं।
लाइन का ऊपर या नीचे जाना
अगर आप प्लेन पेज पर लिखते हैं और लिखते हुए आपकी लाइन ऊपर को जाती है तो इसका मतलब है कि आप पॉजिटिव सोच वाले व्यक्ति हैं जिनकी एनर्जी हमेशा हाई होती है। वहीं जिन लोगों की लिखते वक्त लाइन नीचे को जाती है, ये उनके नकारात्मक सोच की निशानी होती है।
तीखी लिखावट वाले
वहीं जिनके लिखावट में तीखापन होता है, वो हाई एनर्जी के साथ-साथ स्पष्टवादी और आक्रमक होते हैं।
प्रेशर डालकर लिखना
वहीं जो लोग पेपर पर काफी प्रेशर डालकर लिखते हैं, उनकी लिखावट उनकी भावनाओं की गहनता को दर्शाती है। साथ ही इससे व्यक्ति के महत्वाकांक्षी होने का भी पता लगता है, क्योंकि लिखावट में ये दबाव स्ट्रेस लेवल को जाहिर करता है और महत्वाकांक्षी लोगों में स्ट्रेस अधिक होता है।
Yashodhara Virodai
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